Kitab Launches Shashi Tharoor’s Book “The Battle of Belonging” Literary Bigwigs – politicians Attend Online Event Hosted By Prabha Khaitan Foundation

प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा शशि थरूर की नयी पुस्तक “द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग” को किया गया लॉन्च

23 नवंबर 2020, कोलकाता: शशि थरूर की नयी पुस्तक “द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग” को ‘‘प्रभा खेतान फाउंडेशन’’ की तरफ से ऑनलाइन सत्र ‘किताब’ के समारोह में लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री हामिद अंसारी (देश के पूर्व उपराष्ट्रपति), फारूक अब्दुल्ला (अध्यक्ष, जेएंडके नेशनल कॉन्फ्रेंस), डेविड डेविडर (उपन्यासकार और प्रकाशक), पवन के वर्मा (पूर्व राज्यसभा सांसद और राजनयिक), मकरंद परांजपे (निर्देशक), लेखक शशि थरूर ने इस समारोह में “द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग” लिखने के लिए अपनी प्रेरणा को विस्तृत रूप से समारोह में शामिल सम्मानीय अतिथियों के समक्ष साझा किया। इसके साथ ही उन्होंने इस गहन शोध कार्य को पढ़ने के लिए किताब से जुड़ी कई अहम जानकारी दी।

एलेफ बुक कंपनी के संयुक्त तत्वाधान में प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस ऑनलाइन कार्यक्रम में एहसास की तरफ से महिला सुश्री अप्रा कुच्छल ने इसे लांन्च किया और पत्रकार करण थापर द्वारा पूरे कार्यक्रम को संचालित किया गया। इस वेब इवेंट में भारत के वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रकाश डालती शशि थरूर की 22 वीं पुस्तक के बारे में चर्चा और आलोचनात्मक मूल्यांकन के लिए देश -विदेश से बड़ी संख्या में अतिथि शामिल हुए।

सभी मेहमानों ने शशि थरूर की नवीनतम पुस्तक और भारत से संबंधित कई मुद्दों पर गंभीर बहस को गति देने को लेकर इस पुस्तक की काफी सराहना की, क्यों कि इस पुस्तक के जरिये वे कुछ मूल अवधारणाओं जैसे राष्ट्रवाद, देशभक्ति, नागरिक राष्ट्रवाद, भारत के विचार और अन्य लोगों के बारे में विस्तार से बताने से वे नहीं कतराए।

श्री हामिद अंसारी ने जीवंत चर्चाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा: इसमें एकग्र भारत के विचार के लिए एक भावुक दलील को शामिल किया गया है, इसमें पहले की उन विचारधाराओं जो अब लुप्तप्राय है इसके जरिये कल्पनाशील मानदंडों पर प्रकाश डालने की कोशिश की गयी हैं। शशि थरूर ने इस पुस्तक में स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय गणतंत्र के बाद के सात दशकों में समझे गए भारतीयता के आवश्यक तत्वों पर पाठकों का ध्यान आकर्षित कराने की कोशिश की है। मुझे इसमें देशभक्ति पर निबंध विशेष रूप से ज्ञानवर्धक लगे। पुस्तक का विश्लेषण व्यापक है।

किताब के प्रकाशक एलेफ बुक कंपनी के डेविड डेविडर ने कहा: मुझे उम्मीद है कि हर भारतीय इस किताब को अवश्य पढ़ेगा। इसमें एक उल्लेखनीय रूप से सीखा भी दी गयी है, यहां तक ​​कि इसमें मूलभूत विचारों और अवधारणाओं के साथ राष्ट्रीय मूल्यों के अध्ययन को शामिल किया गया है। यह पुस्तक दुर्लभतम-दुर्लभ ‘अपरिहार्य’ श्रेणी में आती है – ऐसी पुस्तकें जिनके बिना आप काम नहीं कर सकते। मुझे उम्मीद है कि लोग इस पुस्तक को पढ़ने के बाद अब से “पचास साल की लड़ाई” पर चर्चा अवश्य करेंगे।

शशि थरूर ने इस पुस्तक को कलमबद्ध करने से जुड़े कारणों के बारे में बताते हुए कहा:  इस पुस्तक में राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दों पर जीवनभर के विचारों, पठन और तर्कों की पराकाष्ठा को शामिल किया गया है जो केवल सैद्धांतिक या अकादमिक नहीं हैं, बल्कि गहन रूप से व्यक्तिगत भी हैं। पुस्तक को भारतीय राष्ट्रवाद के मूल तत्व के लिए एक बुनियादी चुनौती के उदय से प्रेरित किया गया था। यह पुस्तक आज के भारत में विशिष्टता के खिलाफ दुनिया में राष्ट्रीयता की समझ की ओर एक पर्यवेक्षक का नोट प्रस्तुत करती है। भारत के अपने उपनिवेशवाद-विरोधी राष्ट्रवाद ने एक लोकतांत्रिक संविधान में खुद को `नागरिक राष्ट्रवाद ‘ में बदल दिया और फिर इसे अब धार्मिक-सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में बदलने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। इस पुस्तक में प्रमुख विषय भारत से संबंधित होने और भारत का आपके साथ होने की लड़ाई को बनाया गया है।

 

लेखक अपनी लेखनी के जरिये यह बताने की कोशिश किये हैं कि आज भारत में जिस राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह एक ऐसी समग्र दृष्टि है। नागरिक राष्ट्रवाद एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज में भाग लेने के लिए नागरिकों की सहमति से उत्पन्न होता है और लोगों के व्यक्तिगत अधिकारों को सुरक्षित रखता है और इसलिए इसे सभी के ऊपर प्रचारित और इसे संरक्षित किया जाना चाहिए।

थरूर अपनी किताब में कहते हैं कि देशभक्ति और राष्ट्रवाद अलग हैं। एक देशभक्त अपने देश के लिए मरने को तैयार है जबकि एक राष्ट्रवादी अपने देश के लिए मारने को तैयार है। किताब वेब कार्यक्रम में शामिल कुछ लाइव पैनलिस्ट इस अंतर से सहमत नहीं थे, वे इसे “बौद्धिक उत्थान” कहते रहे हैं।

करण थापर के एक सवाल के जवाब में, फारूक अब्दुल्ला ने कहा: आज हम धर्म, जाति, पंथ और भाषा पर विभाजित हो रहे हैं। क्या हम एक मजबूत भारत बना रहे हैं या इसके बहुत सार को मार रहे हैं! शशि ने इस किताब को लिखने में बहुत अच्छा काम किया है। मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं, अत्याचारी आ सकते हैं और जा सकते हैं लेकिन राष्ट्र जीवित रहते हैं। हमें ऐसी ताकतों से लड़ना होगा जो हमें धर्म, जाति पंथ और भाषा के आधार पर विभाजित करने का प्रयास करते हैं।

कवि और उपन्यासकार परांजपे मारकंड ने कई विषयों पर लेखक से असहमति जताते हुए कहा: आज बहुत ही गर्मजोशी से नये भारत के लिए लड़ा जा रहा है। वहीं काफी पहले से चली आ रही नेहरूवादी आम सहमति जिसके साथ हम में से कई बड़े हुए हैं, अब शायद धूल से भर गए हैं, यह शशि की अन्य किताबों में अलग है और इस पर गंभीर बहस होनी चाहिए, लेकिन मुझे नहीं लगता कि भारत एक ऐसा देश है जो `नागरिक राष्ट्रवाद ‘का पालन करता है। मुझे लगता है कि यह हमारा सभ्यतावादी राष्ट्रवाद ’है और यह हमेशा बहुवचन है। शशि ने भारतीय संविधान को लगभग एक पवित्र ग्रंथ की तरह माना है, जिसे परिवर्तित नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे 103 बार बदला गया है। 42 वां संशोधन, आपातकाल के दौरान धकेल दिया गया, भारत का संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य अचानक एक समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष बन गया। जो आम संपत्ति में विश्वास करता है। हम समाजवादी नहीं हैं। हम अभी एक झूठ, एक पाखंड को जी रहे हैं। आइए हम खुद को किन्नर न बनाएं क्योंकि हमारी सारी राजनीति जातिगत गणना, भाषाई गणना, धर्म और जाति पर आधारित है।

पवन के वर्मा ने इसे एक महत्वपूर्ण पुस्तक पर कहा: शशि ने अपनी मस्तिष्क ऊर्जा को को इस किताब में निवेश किया और इसके जरिये एक दृष्टिकोण पेश किया, जो बहुत प्रासंगिक है। हमारा मानना है कि सभी धार्मिक चरम बुरे हैं, जिनमें इस्लामिक कट्टरवाद भी शामिल है, मैं वास्तव में यह नहीं समझ सकता कि एक देश के लिए एक ‘नागरिक राष्ट्रवाद’ क्या है जो समय की सुबह तक वापस चला जाता है और जिसकी सभ्यता की विरासत कुछ ऐसी है जिसे हमें अनदेखा करना और भारत के किसी भी विचार के लिए योगदान करना बहुत मुश्किल है जिसे हमने हाल ही में बनाया है। हमे किसी भी गैर-सांस्कृतिक बदलाव के खिलाफ विरोध के लिए हमेशा प्रस्तुत रहना चाहिए । श्री पवन के वर्मा ने भारत में धर्मनिरपेक्षता की विकृतियों और बैकलैश पर प्रकाश डाला। हेसैड ने कहा, आज कई भारतीय हैं जो भारत के विचार का निर्माण करने और उन्हें फिर से जांचने की बात सोच रहे हैं – महात्मा गांधी ने खिलाफत आंदोलन का समर्थन क्यों किया? नेहरू ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन में भाग लेने के लिए क्यों नहीं लिखा? केवल हिंदुओं के व्यक्तिगत कानूनों को क्यों बदला गया? अध्यादेश द्वारा शाह बानो केस का फैसला क्यों सुनाया गया। ये ऐसे प्रश्न हैं जिनसे हम परिचित हैं। हम आज के समय में वैमनस्य पैदा करने के लिए अतीत को खंगाल नहीं कर रहे हैं। लंबे समय तक ये सवाल कभी नहीं उठाये गये और इसलिए भारत का विचार निर्विरोध रहा। उन्हें अभी उठाया जा रहा है और हमें उनका जवाब देने की जरूरत है। हमारा मानना है कि हमे यह भी सोचना चाहिये कि महात्मा गांधी के इरादे हमेशा अच्छे थे लेकिन हमें यह देखने की जरूरत है कि इसके परिणाम क्या थे।

‘किताब’ कोलकाता के प्रभा खेतान फाउंडेशन का एक ऑनलाइन सत्र कार्यक्रम है, जिसे कोलकाता के सुप्रसिद्ध समाजसेवी संदीप भूतोरिया द्वारा परिकल्पित किया गया है, जो लेखकों, कवियों, बुद्धिजीवियों और विचारकों को अपनी पुस्तकों को लॉन्च करने और विभिन्न विषयों पर अपने विचारों को साझा करने और इसपर बौद्धिक सुझाव को प्रोत्साहित करने के लिए एक चर्चा मंच प्रदान करता है।

International Men’s Day Celebrated With Glitz – Glamour & Glory

Unified Brainz Celebrated the Success of Men leading by example with Glitz, Glamour & Glory on the occasion of International Men’s Day 2020.

Today on this auspicious day of International Men’s Day which is an opportunity for people everywhere of goodwill to appreciate and celebrate the men in their lives and the contribution made in the society for the greater good of all.

Men often surrender at work and with his family roles for their communities and society. We need to do away with the notion that men don’t cry and rather should encourage them to express their emotions freely being vocal. We need to build a space where men can talk about what they are suffering from, without being judged for being sensitive.

On this Great occasion, the world witnessed the most awaited event “Men Leaders to look Upto in 2020”. A glorious ceremony saw the presence of some most sought after lineup of men leaders who were featured from different walks of life sharing passion journey, which made them men of substance based on nomination and selection through a rigorous evaluation process. The event witnessed the online presence of friends from Bollywood & television industry, international supermodels, diplomats, socialites, business owners, entrepreneurs, media icons & industry leaders along with global subscriber base of Passion Vista. The event had seen wonderful engagement from over 26 countries across the globe as a platform where men leaders joined hands to network and share their opinions about the importance of better health for men and boys.

The Unveiling of this Special Collector’s Edition Magazine “Men leaders to Look Up to in 2020” was organized during an online event through Facebook & YouTube live addressing to the global audience. The magazine was unveiled by Dr GD Singh, Founder & President of Unified Brainz Group & Editor in Chief for Passion Vista Magazine along with the presence of Guest Editor Mr Mahendrasinh Jadeja from London who is an International Business Entrepreneur & Philanthropist.

The Editorial Board of Passion Vista & Unified Brainz Group in association with our Evaluation Partner – CIAC Global & International Chamber partner Asian African Chamber of Commerce & Industry, announced the inclusion of these 25 magnificent men, Aakash Goswami, Adel Singh, Bhavin Patel, Dr Achyut Dani, Dr Anil Kumar Misra, Dr Mustafa Saasa, Dr Sandeep Sekhri, Dr D Panduranga Rao, Dr Patrick Businge, Dr. Ricardo Saavedra Hidalgo, Freddy Daruwala, Gaurav Bargujar, H.E. Fabrice Houmard, Hemen Joshi, Jagdish Shekhar Naik, James Pulham, Lion Dr Kiron, Lord Rami Ranger CBE, Mangesh Amale, Mohammad Ismail Ghazanfar, Peter Cox, Pratik Gandhi, Rachit Agrawal, Rannvijay Singh, Rohan Mehta from various domains in this Special Collector’s Edition.

The editorial board along with our evaluation partner had observed and marked the profiles of men leaders as a brand of high repute and congratulated all men leaders for this achievement to be recommended for this special featured advertorial brand story coverage with the cover page.

This event was conceptualized and produced by Unified Brainz Group, a leading media & publishing house powered by Passion Vista –a Luxury, Lifestyle & Business Magazine in association with International Chamber partner Asian-African Chamber of Commerce & Industry (AACCI). Jointly with CIAC Global as Evaluation Partner, Future Billionaire Network International (FBNI) as supported by partner & World Peace & Diplomacy Organisation (WPDO) as Philanthropic partner along with Gift Hamper Partner – Whiskers (Luxury Men’s Grooming Brand) & Digital media partner Ten News (India), Online Media partner Awesome TV (USA), and PR Partner FAME Media and TVM Communication.

Amisha Patel Brand Ambassador Of Ahuja Agarbatti

Recently Amisha Patel (Kaho Na Pyar Hai fame), shot for Ahuja Agarbatti, as She is Brand Ambassador of it. This commercial ad shoot was done recently,at Future Studio, Goregaon East.

Amisha said “After a long period of lockdown due to Covid-19, first time shooting for this commercial advt, with all precautions, and I feel this is very auspicious for me, as it is Diwali time, we need good brand of agarbatti”.

Ad film was directed by Rakesh Patel with Dop by Jeet Bhadauria.Mohan Ahuja is Managing Director & Amit Ahuja is Director of Ahuja Agarbatti.

—-Wasim Siddique (Fame Media)

    

अमीषा पटेल बनी “आहूजा अगरबत्ती” की ब्राण्ड अम्बेस्डर।

हाल ही में फ़िल्म ‘कहो ना प्यार है’ कि चर्चित अभिनेत्री अमीषा पटेल, ने आहूजा अगरबत्ती के कमर्शियल ऎड के लिए शूट किया, वे इसकी ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। हाल ही में इसकी शूटिंग गोरेगांव स्तिथ फ्यूचर स्टूडियो में सम्पन्न हुई।

अमीषा ने बताया कि कोरोना की वजह से लंबे समय तक लॉक डाउन के बाद, पहली बार इस विज्ञापन के लिए पूरे एहतियात के साथ इसकी शूटिंग की गई, वो भी दीवाली के शुभ अवसर पर।

इस विज्ञापन फ़िल्म के निर्देशक राकेश पटेल हैं व छायांकन जीत भदूरिया का है।

मोहन आहूजा इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं व अमित आहूजा निर्देशक हैं।

Amazing Ambrosia Gifts 1000 Ltr Amazing Hygieia To MCGM As mark Of Respect

Seeking better ways of sanitization with lowest toxicity and least bio burden, Amazing Ambrosia Pvt Ltd (amazingambrosia.com), India’s First Water Technology Platform, founded by veteran water technologist Dr BK Sharma, son Sidharth Sharma, along with plastic industries doyen Mahendra N Patel, and Rahul C Mehta of MentorCap, has decided to combat India’s water and sanitation problems by identifying world class technologies, adapting, innovating and manufacturing them locally to have a transformative impact on India.

Their world class products, Amazing Hygieia and HygieiaDent are winners of the Economic Times Industry Leader Awards for Pathbreaking Technology resulting in Exemplary Contribution to Society.

Recently, Amazing Ambrosia has gifted 1000 litres of Amazing Hygieia to the MCGM for aiding sanitisation of the city. “The MCGM personnel work tirelessly through the pandemic. It is payback time. This is just the beginning,” avers Sidharth Sharma.
Amazing Hygieia is water that disinfects, heals, sanitizes, is effective in disease prevention and maintaining the potential bio loads as low as possible. It assures superior disinfection and sterilisation, is available in a convenient powder form in a 3.2 gm sachet to give up to 10 litres of disinfectant, is 100 per cent nontoxic, non-hazardous and food contact safe, non-alcohol based, non-inflammable, safe for eyes and skin and 100% safe when inhaled.

(Together, we heal… Sidharth Sharma, Director, Amazing Ambrosia Pvt Ltd handing over Amazing Hyigiea to Vishvas Mote, MCGM Asst Commissioner K West Ward)


Amazing Hygieia is the only stable EO water available in pH of 5.5 to 6.5 with zero chlorine gasification. Electrolyzed oxidising water is approved and certified by the Ministry of Health, Japan as a food contact product as well as the only product safe for aerial disinfection permitted by INMAS DRDO, USA FDA, US CDC and US EPA.

– For Further Details Contact :

Naarad PR & Image Strategists

Mobile :  9820535230  –   800 747 6464

Director Kumar Saurav Sinha has teamed up with British and Indian actors to shoot Chhath Puja music video in London

लंदन में छठ पूजा

ब्रिटिश और इंडियन कलाकरों को लेकर बना छठ गीत, 15 नवम्बर को यशी फिल्म्स से रिलीज़ होगा

लोक आस्था का महापर्व छठ की महिमा इस बार सात समुंदर पार ब्रिटेन तक पहुंच गई है। इसलिए इस बार छठी मईया को समर्पित निर्देशक सह यशी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के कंटेंट हेड कुमार सौरव सिन्हा का आने वाला नया छठ गीत इस साल का सबसे महंगा गाना होगा, जिसके वीडियो का निर्देशन कुमार सौरव सिन्हा ने ब्रिटिश और भारतीय अभिनेताओं के साथ मिलकर लंदन में शूट किया है।

कुमार सौरव सिन्हा, हॉलीवुड में विभिन्न बड़ी फिल्म परियोजनाओं और अमेरिकी ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (एबीसी),डिज्नी जैसी कुछ बड़ी फिल्मों की परियोजनाओं पर काम करने के बाद, अब भोजपुरी फिल्म उद्योग में क्रांति लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वे पवन सिंह, रितेश पांडे जैसे भोजपुरी सुपरस्टार्स के साथ भी काम कर चुके हैं। कुछ महीने पहले वे भोजपुरी का सबसे महंगा संगीत वीडियो दुबई में शूट किया था और अब छठ पूजा के अवसर पर एक इंटरनेशनल गीत लेकर आ रहे हैं जो यशी फिल्म्स से 15 नवम्बर को लंदन में रिलीज होगी। इसमें संगीत गोविंद ओझा और पंकज तिवारी का है। गीत में अन्वेषा की मधुर आवाज है जो गोलमाल रिटर्न्स, प्रेम रतन धन पायो जैसी बड़ी प्रोजेक्ट के लिए जानी जाती है।

इस वीडियो में ब्रिटिश अभिनेता सैमी जोनास हेनी नज़र आने वाले हैं, जो विभिन्न हाई-एंड बजट फिल्मों जैसे वेलकम टू न्यूयॉर्क, हाई एंड यारियां में काम कर चुके हैं। परिणीति चोपड़ा (2021) अभिनीत उनकी आगामी नेटफ्लिक्स फिल्म ‘द गर्ल ऑन द ट्रेन’ है। वहीं, फीमेल लीड में सोनम नानवानी होंगी, जिन्होंने कई प्रतिष्ठित बॉलीवुड और पंजाबी फिल्मों जैसे अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म “गोल्ड”, अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा अभिनीत फिल्म “नमस्ते इंग्लैंड” और “खिदो खुंडी” में रणजीत बावा और मैंडी तखर के साथ काम कर चुकी हैं। इस गाने में दिग्गज अभिनेता पद्म सिंह भी होंगे, जो खाकी और लीजेंड ऑफ भगत सिंह में नज़र आ चुके हैं।

इस बार, कुमार सौरव सिन्हा ने अब तक का सबसे महंगा भक्ति संगीत वीडियो का निर्देशन किया है। छठ पर्व बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश और नेपाल के मधेश क्षेत्र में व्यापक रूप से मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य देव और षष्ठी देवी (छठी मैया) की पूजा है। इस बारे में उन्होंने बताया कि छठ पूजा हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है। यह सबसे अधिक पर्यावरण के अनुकूल धार्मिक त्योहारों में से एक है जो प्रकृति संरक्षण्ड का संदेश फैलाता है। छठ पूजा के दिन, सभी भक्त जाति, रंग या सामाजिक स्थिति के किसी भी भेद के बिना, गंगा नदी के तट पर इकट्ठा होते हैं और सूर्य देव को प्रसाद अर्पित करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि “लंदन में छठ पूजा यह दिखाने का प्रयास है कि इंग्लैंड में रहने वाले भारतीय इसे कैसे मनाते हैं। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक ब्रिटिश पति अपनी भारतीय पत्नी की संस्कृति को अपनाता है और छठ पूजा मनाता है। यह वीडियो विभिन्न संस्कृतियों को एकजुट करेगा और दोनों देशों को करीब लाएगा ”। वहीं इसको लेकर यशी फिल्म्स के निर्माता अभय सिन्हा ने कहा, “हम हमेशा ऐसा कंटेंट बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो एक सामाजिक संदेश लाए।”

Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

13th November, 2020, Kolkata / London: The Prabha Khaitan Foundation, Kolkata, today announced the online launch of “Dear Mama” – a collection of intimate letters to their mothers – written by billionaires, spiritual gurus, members of the British House of Lords, political leaders, members of royal families, actors, entrepreneurs, journalists, photographers and doctors.

The book was formally launched by Cherie Blair, British barrister, writer and women’s rights activist, also the wife of former UK prime minister Tony Blair, at the Kitab online event presented by Shree Cement and joined in by hundreds of invitees from across the globe. Cherie Blair was in conversation with Mohini Kent, author and founder-chairperson of LILY Against Human Trafficking – a charitable organisation which works against the trade in human beings and child trafficking. The event was conducted by Swati Agarwal on behalf of Prabha Khaitan Foundation.

Prime Minister Narendra Modi, His Highness The Dalai Lama, Cherie Blair, Sir Cliff Richard, G P Hinduja, Sri M, Kiran Mazumdar Shaw, Arshad Warsi, Dr Karan Singh, Sir Mark Tully, Sharmila Tagore, Rakeysh Omprakash Mehra, Sundeep Bhutoria, Lord Parekh, K P Singh, and other eminent personalities, as well as common citizens, have written very personal letters to their mothers especially for Mohini Kent’s book.

“It is a great honour for Prabha Khaitan Foundation to host the unveiling of `Dear Mama’ which is a stupendous collection of letters to one’s mothers and which evokes deep feelings of love, emotion, compassion and inspiration. The formal launch was slated for March 2020 at an event in London but had to be postponed due to the Covid pandemic. It was a very touching experience for me to write a letter to my late mother for the book,” said Sundeep Bhutoria, Trustee, Prabha Khaitan Foundation.

Mother is the first guru and guide of the children. Mahatma Gandhi, Einstein, Abraham Lincoln, the Buddha and others owed a debt to their mothers. Even HRH Prince Charles publicly addressed the Queen as ‘Mummy’ at Her Majesty’s Diamond Jubilee celebrations. But some mothers betrayed their daughters, who were sold as slaves. The letters of those girls in this book speak of heartbreak, trauma, loss and betrayal.

“As long as prejudices are there against women, be it anywhere, no women will be totally free,” said Cheri Blair at the webinar.

Mohini Kent has written the book in aid of her charity, Lily Against Human Trafficking. The books is available online on Flipkart and Amazon India and all the proceeds would go to LILY Against Human Trafficking. “I want to teach mothers to love their daughters. The mindset of women as much as of men has to change because women fall into this mindset no matter where we are and how well educated and outgoing one is,” said Mohini Kent.

Kitab is an initiative of Kolkata-based organization Prabha Khaitan Foundation which provides a forum for book launches by connecting intellectuals, book lovers and litterateurs with authors. Eminent authors like Shashi Tharoor, Vikram Sampath, Salman Khurshid, Kunal Basu, Vir Sanghvi, Vikas Jha, Luke Kutinho and others have earlier had book launching sessions at Kitab.

Cherie Blair, human rights lawyer, is the Chancellor of the Asian University for Women; Governor of the London School of Economics; a founding member of Omnia Strategy LLP; and the Cherie Blair Foundation for Women supports women entrepreneurs in developing countries.  She lives in London with her husband, Tony Blair, former Prime Minister of the UK.

Lady Mohini Kent Noon is an author, film-maker, charity worker and journalist. She is the Founder Chairperson of Lily Against Human Trafficking. And Global Envoy in the UK of the International Buddhist Confederation. She is the author of several books, including Black Taj, a novel, and Nagarjuna: The Second Buddha. She has written and directed feature films, documentaries, and worked with Sir Ben Kingsley. Her stage plays include Rumi: Unveil the Sun. She also hosts spiritual teaching tours in the UK.

   

Excerpts from the book “Dear Mama”

Prime Minister Narendra Modi: “Mother is the ever-flourishing spring of inspiration and our strength to overcome all the challenges.”

HH the Dalai Lama: “My mother was my first teacher of compassion. Those who receive affection from their mothers as children have much greater inner peace in their adult lives.”

Cherie Blair: “When I was called to the Bar in 1976, you were the only parent entitled to be part of my achievement. I wanted you to be acknowledged.:

Sir Cliff Richard: “Death is never fair. You gave us life – me, Donna, Jacqui and then Joan – and death took yours. But… he couldn’t take our memories.”

G.P. Hinduja: “It is said that God created mothers because He could not be everywhere.”

Kiran Mazumdar Shaw: “Not many daughters can boast of the fact that their mother is a successful entrepreneur at the age of 87. This fiery independent streak is what I have inherited from you. You have been a pillar of great strength and inspiration to me.”

Sharmila Tagore: “I have taken you for granted. I never told you how much I appreciated your cooking (and) your talent with jokes.”

Yogi Sri M: “I beg forgiveness (from my mother) when her beloved son ran away to the Himalayas and was given up for dead. (She) welcomed me after years when I came back as a wandering yogi. Only a mother can do that.”

Rakesh Omprakash Mehra: “Like an ocean she had the capacity to receive the rivers of pain, purify it, and rain it back on us as love. They say you passed away, but in my daughter I feel you come back, in my wife I feel your loving and caring. For me, LILY is an ode to every mother.”

Arshad Warsi: “The first thing I need to do, in fact every son and daughter needs to do, is apologise for not being able to match up to the unconditional love mothers have for their children.”

Shonali Bose: “All of my films – Amu, Margarita with a Straw, The Sky is Pink -have been about the mother-daughter relationship and death. That’s because you were so central to my life till your shocking death when I was 21.”

Milkha Singh: “Our home was in Multan. Then we heard India was going to be partitioned. A Muslim mob came for us with their guns. Father shouted: ‘Bhaag Milkha! Don’t look back!’ When it was quiet, I went back, but they had killed you, everyone. My last memory of you is lying on your body and weeping.”

Khalid Mohamed: “You lost your only child Zubeida in an air crash. We only found mangled parts of her body on the site. When my mother Zubeida perished, you were my protector and live-giver. Fayazi Ma, it’s your 25th death anniversary, and I assure you I am OK.”

Dr Karan Singh: “She was highly compassionate and caring, and I learnt a great deal from her. I learnt the beautiful Dogra-Pahari folk songs that she used to sing on festive occasions. In our culture the mother has a very special place. There are our physical mothers, but at a deeper level in Hinduism, the mother goddess appears in many forms.”

Raghu Rai: “When the partition took place, I was just five. Little did I understand what it meant for my mother to look after ten children without any help. My mother wove a magic thread to keep a large family happy and united at low cost.”

Vijay Khattar: “Though you were deaf and mute since birth, you remain the most expressive person I’ve known. I wondered what it must be like. I feared the weight of silence. When the political trouble started in Kashmir were forced to leave because of the killings. You made this difficult and uncertain time easier for the family.”

Celebrated Completion Of 50 Episodes Of Kiske Rooke Ruka Hai Sawaira Serial Aired On DD Kisan

डीडी किसान पर ‘किसके रोके रुका है सवेरा’ के 50 एपिसोड प्रसारित होने पर मना जश्न

धारावाहिक के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों ने इस शो से जुड़े दिलचस्प किस्से शेयर किये

दूरदर्शन के किसान चैनल पर इन दिनों धारावाहिक ‘किसके रोके रुका है सवेरा’ काफी पसंद किया जा रहा है। इस धारावाहिक में दमदार कहानी है और समाज को एक नई रोशनी दिखाई गई है। शानदार डायरेक्शन और कलाकारों के उम्दा अभिनय के दम पर इस सीरियल के 50 एपिसोड प्रसारित हो चुका है। साथ ही इस धारावाहिक की टीआरपी भी सबसे ज्यादा है। धारावाहिक के 50 एपिसोड पूरे होने की ख़ुशी में सभी कलाकारों और यूनिट के सदस्यों ने शूटिंग के सेट पर केक काट कर जश्‍न मनाया।

आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और शहरों की समस्याओं को दर्शाती, महिला सशक्तिकरण की कहानी है यह सीरयल ‘किसके रोके रुका है सवेरा’, जो कि हर सोमवार से शुक्रवार तक रात 9 बजे दूरदर्शन किसान पर प्रसारित हो रहा है और डीडी किसान के दर्शक इस मनोरंजनपूर्ण धारावाहिक का आनंद ले रहे हैं। इस धारावाहिक के निर्देशक प्रमोद शास्त्री हैं। निर्माता पवन कुमार मिश्रा और प्रमोद कुमार पांडेय हैं। धारावाहिक के सह निर्माता वेदर फिल्म्स (पूनम सिंह) और डायमंड ड्रॉप प्रोडक्शंस हैं। धारावाहिक के कलाकारों में मुख्य भूमिकाएं आदित्य वर्मा (धीरज), कनक यादव (आशा), राजा गुरु (सूरज), अलका चोटालिया (उषा), बालेश्‍वर सिंह (शिवा), राकेश दूबे (भास्कर), नीतू पांडे (रमा), चन्दन कश्यप (धर्मा), सपना मालिक (छबीली), राजीव सक्सेना (प्रधान) और गोविन्द पाठक (रामलाल) निभा रहे हैं।

इस सीरयल के सूत्रधार और प्रेरणा स्रोत श्री एन मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि किसान चैनल पर यह सबसे लोकप्रिय धारावाहिक है जिसकी टी आरपी बहुत है। यह महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर बेस्ड है। इससे सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। फिल्म के निर्माता और बैनर को बधाई देना चाहता हूँ कि इन्होंने इतना अच्छा सीरियल बनाया। सभी कलाकारों और टीम को मुबारकबाद। यह सभी की मेहनत का नतीजा है।

धारावाहिक के निर्देशक प्रमोद शास्त्री ने कहा कि श्री एन मिश्रा जी शुरू से ही हमारे साथ एक स्तम्भ की तरह खड़े रहे और जब भी जरुरत पड़ी उन्होंने सभी जरूरतों को पूरा किया। जैसी उम्मीद की थी वैसे ही हमने काम किया और आज इसकी तारीफ हो रही है। लोगों के कमेंट्स संतोषजनक हैं। प्रमोद शास्त्री ने आगे कहा कि गाँव में भी मैंने दो तरह की जिन्दगी बिताई है एक एकदम ग्रामीण क्षेत्र में, दूसरे लखनऊ जैसे शहर में भी जीवन बिताया है। किसान का बेटा हूँ, इसलिए तमाम अनुभवों को इसमें समाने की कोशिश की है।

इस धारावाहिक में सूरज नामक किरदार निभाने वाले एक्टर राजा गुरु ने कहा कि प्रमोद शास्त्री जी कैप्टन ऑफ़ द शिप हैं। हम फैमिली की तरह काम करते हैं। यह शिक्षाप्रद सीरियल है। अगर गाँव में विकास होगा तो देश में भी विकास होगा। गाँव में भी रोजगार के मौके हैं और यह सीरियल यही संदेश देता है कि लोग शहर की ओर पलायन न करें। अगर यह शो देखकर कुछ लोग गाँव छोड़कर शहर जाना छोड़ देंगे तो मैं समझूंगा कि मेरा किरदार सार्थक हो गया। मेरे किरदार को जीवित बनाने का क्रेडिट डायरेक्टर प्रमोद शास्त्री जी को जाता है।

   

इस शो की एक्ट्रेस कनक यादव ने भी पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि हमारा सीरियल गाँव की फीलिंग्स को पेश करता है। मेरा किरदार शो में अहम है। मेरे किरदार का नाम आशा है। जिसकी कम उम्र में गाँव में शादी करा दी जाती है। वह कैसे अपनी सीमाओं में रहते हुए भी पढ लिख कर ऑफिसर बनती है। उन्होंने आगे कहा कि हम खुद को लकी मानते हैं कि हमारे इस शो ने पचास एपिसोड पूरे कर लिये हैं। मैं अपने इस किरदार और इस शो के माध्यम से कहना चाहती हूँ कि आपकी शिक्षा आपका साथ कभी नहीं छोड़ेगी इसलिए इसमें शिक्षा की अहमियत पर जोर दिया गया है।

इसमें धीरज का किरदार प्ले करने वाले एक्टर आदित्य वर्मा ने कहा कि मैं पूरी टीम को बधाई देना चाहता हूँ. गाँव में भी रोजगार के बहुत साधन हैं, यह शो यही पैगाम देता है।

Pretty Purnima Lamchhane makes her mark on the silver screen as turns director with Tina Ahuja-Mudit Nair starrer Driving Me Crazy on Zee5

She is a diehard romantic who wears her heart on her sleeve. She is journalist-animal activist Purnima Lamchhane, who has now turned director with her short film Driving Me Crazy.
The slice-of-life romance speaks of online dating apps and the ishq vishk that follows. Purnima who admits finding her soulmate through the app speaks of the online and offline personas of the youth that pours their hearts out on the app, and still conveniently forgets to mention basic facts of their life. “Sometimes, the connect you have with the person drives you crazy. But is the chemistry going to be the same as the one who makes your heart go wild peels one layer after another,” grins Purnima, who has aptly cast Tina Ahuja, the pretty daughter of actor Govinda and television heartthrob Mudit Nair of Ishaaron Ishaaron Mein fame.
“Both of them were just the perfect fit. Tina’s histrionics are inherited, she is pretty, vivacious and her smile lights up the room. Mudit has a contagious energy about him..and the story could be of you or me. It is so relatable,” avers Purnima, whose film is being talked about for its narrative.

Purnima Lamchhane with Tina Ahuja


Watch out for Driving Me Crazy, directed by Purnima Lamchhane, produced by Surendra Bhatia under the banner Glimpses, the film boasts of Cinematography by Nigam Bomzan, editing by Anurag Singh, music by Satya Kashyap starring Tina Ahuja and Mudit Nair in principal role. Only on Zee5.

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+91 800 747 6464

When Bollywood Admitted To A Short Driving ’em Crazy!

Manoj Bajpayee has lately presented a  short film Driving Me Crazy, calling it “little gem”,
Raveena Tandon feels that it is “a mastmast short film,”  Sunil Shetty admits to the film taking him “on a rollercoaster of emotions,” while Kailash Kher, celebrity photographers Munna Singh and Vicky Idnani swear by it.
We are talking of Purnima Lamchhane’s short Driving Me Crazy that premiered on Zee5,  and is taking the OTT platform by storm.  Starring Tina Ahuja and Mudit Nair on lead roles, the flick takes a look at the online dating romance that makes or breaks hearts, albeit with a beautiful narrative that tugs at your heartstrings.

Purnima Lamchhane with Tina Ahuja

Manoj Bajpayee


Considering that Purnima Lamchhane lives in the world or pixies and fairies, her offering has a generous amount of pixie dust that glitters as well. In this case, all that glitters surely has the Tinseltown bowled!

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M: 9820535230, 8007476464

GAJANAN MOTION PICTURES & JAYAS FILMS LLP Presents THE DARK JUNGLE A film by RAKESH SAWANT

THE DARK JUNGLE THRILLER, HORROR, SUSPENSE, ROMANTIC, 2ND MOVIE WITH TOP MULTI STAR COMPLETED, BY YOUNG TALENTED DIRECTOR RAKESH SAWANT IN DENSE JUNGLE, DIFFERENT BEAUTIFUL LOCATION OF UTTARAKHAND.

A Film by RAKESH SAWANT, Produced by SHWETA CHAUHAN  & BHANWAR SINGH PUNDIR,  Presented by GAJANAN MOTION PICTURES  & JAYAS FILMS LLP. STARING MULTI STAR CAST, SHAKTI KAPOOR, SUDESH BERRY, BHANWAR SINGH PUNDIR, KK GOSWAMI, JAVED HYDER, SANJANA ROY, SAM RAJPUT, POOJA RASORIA, SURENDAR SINGH, PRATAP KUMAR SINGH, PRAVESH BABBAR, RAKSHA GUPTA, BHAVESH KUMAR, ABHINAV CHAUHAN, MOHIT PANDEY, SHANAYA MALIK, MAHIMA GUPTA, ARTH AMIT KUMAR,.

Completed a movie with Top Actors Full Movie shot in Dense Jungle, Beautiful places in Uttarakhand ( MUSSORIE, VISHRANTI RESORT, RIO RESORT, MALDEVTA, DUNGA ( PALACE ), RUSHIKESH, THANO, D.O.P – DHRID BASU, Choreographer – BOBBIE, Story & screenplay – DILIP MISHRA & RAKESH SAWANT, Dialogues – NISAR AKHTAR, Music – PRAVIN MORE & SAYED AHMED, Lyrics – NISAR AKHTAR, Action – BAJI BAJIRAO ( Hyderabad ) , Art Director – SACHIN PATIL, Editor – YOGESH MORE .”

             

The DARK JUNGLE SHOOTING COMPLETED “, RELEASING SOON, THIRD FILM SHOOTING STARTED